जन सुरक्षा युवा सृजन संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत छात्राओं को विधिक, सामाजिक एवं साइबर सुरक्षा विषयों पर किया गया जागरूक, पुलिस थाना एवं कंट्रोल रूम का कराया गया भ्रमण

।*SJ न्यूज़ mp से आलीराजपुर जिला ब्यूरो मोहसिन मंसूरी की खबर।*आलीराजपुर – पुलिस मुख्यालय, भोपाल के निर्देशानुसार विद्यार्थियों में विधिक जागरूकता, उत्तरदायी नागरिकता, सुरक्षा-बोध एवं न्याय तक पहुँच के प्रति समझ विकसित करने तथा पुलिस एवं समाज के मध्य विश्वास एवं संवाद को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में “जन सुरक्षा युवा सृजन संवाद कार्यक्रम” संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में आज दिनांक 06 अगस्त 2026 को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, अलीराजपुर में उक्त कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक जिला अलीराजपुर श्री रघुवंश सिंह एवं जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती दीपशिखा द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। कार्यक्रम में पीएम श्री कन्या शाला, अलीराजपुर की कक्षा 11वीं एवं 12वीं की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

प्रशिक्षण सत्र के दौरान शिक्षा विभाग के मास्टर ट्रेनर्स द्वारा पॉवर पॉइंट प्रस्तुतीकरण (PPT) के माध्यम से भारतीय संविधान, मौलिक अधिकार एवं कर्तव्य, विभिन्न विधिक प्रावधान, बाल अधिकार, किशोर न्याय अधिनियम (JJ Act), पॉक्सो अधिनियम, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, सड़क सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, नशे के दुष्प्रभाव (नारकोटिक्स) सहित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई। छात्राओं को कानून के प्रति जागरूक रहने, अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों को समझने तथा सुरक्षित एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया।इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री रघुवंश सिंह ने छात्राओं से संवाद स्थापित करते हुए भारतीय संविधान की मूल भावना, नागरिकों के अधिकार एवं कर्तव्यों, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव, यातायात नियमों के पालन तथा सामाजिक उत्तरदायित्व के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि “पुलिस आमजन की मित्र है तथा समाज में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने एवं प्रत्येक व्यक्ति को न्याय दिलाने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।”उन्होंने छात्राओं को यह भी समझाया कि देश की सीमाओं की सुरक्षा का दायित्व भारतीय सेना का होता है, जबकि देश के भीतर नागरिकों के जीवन, स्वतंत्रता, मानवाधिकारों एवं विधि-व्यवस्था की रक्षा का महत्वपूर्ण उत्तरदायित्व पुलिस का है। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल अपराधियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित, भयमुक्त एवं न्यायपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे किसी भी प्रकार के अपराध, साइबर धोखाधड़ी, महिला एवं बाल अपराध अथवा संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तत्काल पुलिस को दें तथा स्वयं भी जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में अपनी भूमिका निभाएँ।कार्यक्रम की नोडल अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती ज्योति उमठ बघेल ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे शिक्षा के प्रति पूर्ण समर्पण एवं ईमानदारी रखें तथा घरेलू हिंसा, महिला अपराध, साइबर अपराध एवं सामाजिक कुरीतियों के प्रति सजग रहें।

उन्होंने छात्राओं से अपने परिवार एवं समाज में भी जागरूकता फैलाने का आह्वान करते हुए कहा कि जागरूक नागरिक ही सुरक्षित समाज की आधारशिला होते हैं।कार्यक्रम के समापन उपरांत छात्राओं को पुलिस थाना अलीराजपुर एवं जिला पुलिस नियंत्रण कक्ष का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। भ्रमण के दौरान उन्हें थाना एवं कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली, शिकायत पंजीयन प्रक्रिया, डायल-112 सहित आपातकालीन पुलिस सेवाओं, अपराध नियंत्रण व्यवस्था, आधुनिक पुलिसिंग प्रणाली तथा आमजन की सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस द्वारा किए जाने वाले दैनिक कार्यों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। छात्राओं ने पुलिस व्यवस्था को निकट से समझते हुए विभिन्न विषयों पर जिज्ञासापूर्ण प्रश्न पूछे, जिनका अधिकारियों द्वारा सहज एवं सरल भाषा में समाधान किया गया।कार्यक्रम में उप पुलिस अधीक्षक (महिला सुरक्षा) श्री त्रिलोकसिंह पंवार, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) अलीराजपुर श्री शक्तिसिंह चौहान, महिला थाना प्रभारी निरीक्षक मनोरमा सिसोदिया, शिक्षा विभाग के मास्टर ट्रेनर्स सहित पुलिस एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।