अब हाईब्रिड मोड से मिलेगा किसानों को उर्वरक, जिले में नई व्यवस्था लागू पात्र किसानों को ही मिले खाद, हर वितरण का पूरा रिकॉर्ड रखें – कलेक्टर

दैनिक शौर्य टाईम्स गुना*कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले में उर्वरक वितरण व्यवस्था की समीक्षा एवं हाईब्रिड मोड में वितरण प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में शासन के नवीन निर्देशों के अनुरूप किसानों को समय पर, पर्याप्त एवं पारदर्शी तरीके से उर्वरक उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।शासन के निर्देशानुसार हाईब्रिड मोड में होगा उर्वरक वितरण बैठक में उप संचालक कृषि श्री संजीव शर्मा ने बताया कि जिले में ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली के माध्यम से उर्वरक वितरण 01 अप्रैल 2026 से प्रारंभ किया गया था। शासन द्वारा 30 जुलाई 2026 से ई-विकास प्रणाली में आंशिक संशोधन करते हुए, व्यवस्थाओं के सरलीकरण हेतु गठित समिति की अनुशंसाएं प्राप्त होने तक प्रदेश में उर्वरक वितरण हाईब्रिड मोड में करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि 30 जुलाई 2026 तक ई-विकास प्रणाली से वितरित उर्वरक का अभिलेख सुरक्षित रखा जाएगा। वहीं 30 जुलाई 2026 से आगामी आदेश तक किसानों को वितरित किए जाने वाले उर्वरक के संबंध में आधार कार्ड की छायाप्रति, मोबाइल नंबर तथा कंपनीवार एवं उर्वरकवार (यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी एवं एमओपी) वितरित मात्रा का पृथक-पृथक अभिलेख अनिवार्य रूप से संधारित किया जाएगा। बाद में इस जानकारी का पोर्टल पर इंद्राज संबंधित विक्रेता द्वारा किया जाएगा। इस संबंध में सभी डबल लॉक केंद्रों, एम.पी. एग्रो, सेवा सहकारी समितियों एवं निजी उर्वरक विक्रेताओं को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।पात्र किसानों को ही मिले उर्वरक, अभिलेखों का रखें पूर्ण संधारण कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने निर्देश दिए कि जिले में उर्वरक वितरण व्यवस्था शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सुचारु एवं पारदर्शी ढंग से संचालित की जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को उर्वरक प्राप्त करने में किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए तथा वितरण व्यवस्था पूरी तरह व्यवस्थित रहे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उर्वरक वितरण से पूर्व यह भी सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित किसान पूर्व में उर्वरक प्राप्त कर चुका है अथवा नहीं। अपात्र अथवा अनियमित तरीके से लाभ लेने वाले व्यक्तियों को उर्वरक वितरित न किया जाए। उन्होंने कहा कि एक बार में अधिकतम 10 बैग तक ही उर्वरक का वितरण किया जाए तथा जिन किसानों की पूर्व से टोकन बुकिंग है, उन्हें प्राथमिकता के साथ उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि ई-विकास प्रणाली के माध्यम से पूर्व में वितरित उर्वरक का अभिलेख सुरक्षित रखा जाए तथा शासन द्वारा निर्धारित प्रपत्र में प्रत्येक किसानवार उर्वरक विक्रय की संपूर्ण जानकारी संबंधित विक्रेता अपने स्तर पर संधारित करें, ताकि बाद में पोर्टल पर उसका सही एवं समयबद्ध इंद्राज किया जा सके। बैठक में उप संचालक कृषि श्री संजीव शर्मा, जिला विपणन अधिकारी, सहकारिता उपायुक्त, महाप्रबंधक सीसीबी, सभी कृषि विस्तार अधिकारी, एम.पी. एग्रो के अधिकारी, मार्कफेड के गोदाम प्रभारी, समिति प्रबंधक एवं निजी उर्वरक विक्रेता उपस्थित रहे।