सदियों पुराना प्राचीन गुप्तेश्वर महादेव मंदिर बना आस्था, जनसहभागिता और ग्रामीण विकास का आदर्श, श्रावण में प्रतिदिन उमड़ रहे हजारों श्रद्धालु

*कसरावद। खरगोन जिले की तहसील कसरावद के ग्राम मिर्जापुर की पहाड़ी पर प्राकृतिक वादियों के बीच स्थित सदियों पुराना प्राचीन गुप्तेश्वर महादेव मंदिर क्षेत्र की धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है। मान्यता है कि इस पावन शिवधाम में सच्चे मन से की गई प्रार्थना और मांगी गई मन्नत अवश्य पूरी होती है। यही कारण है कि वर्षभर यहां श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है, जबकि श्रावण मास में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु भगवान गुप्तेश्वर महादेव के जलाभिषेक एवं दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।पिछले पांच वर्षों में ग्राम पंचायत रणगांव द्वारा सरपंच मांगीलाल के नेतृत्व में मंदिर परिसर में कराए गए विकास कार्यों ने इस प्राचीन शिवधाम का स्वरूप पूरी तरह बदल दिया है। आज यह मंदिर केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि जनसहभागिता, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास का भी उत्कृष्ट उदाहरण बन चुका है।श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ग्राम पंचायत रणगांव द्वारा मंदिर तक पहुंचने के लिए नीचे से ऊपर तक सीसी रोड एवं मजबूत सीढ़ियों का निर्माण कराया गया। परिसर में भव्य मुख्य प्रवेश द्वार, पेवर ब्लॉक, आकर्षक सौंदर्यीकरण तथा लगभग 100 पौधों का वृक्षारोपण किया गया है। हरियाली से आच्छादित यह परिसर प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक शांति का अनूठा संगम प्रस्तुत करता है।मंदिर के शिखर पर स्थित हनुमान मंदिर भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। यहां से आसपास की पहाड़ियां, हरियाली और प्राकृतिक वादियों का मनोहारी दृश्य दिखाई देता है। श्रद्धालु एक ही स्थान पर भगवान शिव और हनुमानजी के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस करते हैं।ग्राम पंचायत रणगांव द्वारा श्रद्धालुओं के लिए पेयजल की स्थायी व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। गांव से लगभग 800 फीट लंबी पाइपलाइन बिछाकर मंदिर परिसर तक पानी पहुंचाया गया है। इसके अलावा बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले, खिसल पट्टी, गोल झूला सहित अन्य खेल संसाधन विकसित किए गए हैं, जिससे यह स्थल धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ पारिवारिक पर्यटन का भी आकर्षक केंद्र बन गया है।श्रावण मास में सामेडा, कोंगावा, रणगांव, काकरियाव, सरवरदेवला सहित आसपास के अनेक गांवों से श्रद्धालु कांवड़ यात्रा निकालकर भगवान गुप्तेश्वर महादेव का जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। प्रतिदिन लगभग एक हजार से अधिक श्रद्धालु मंदिर में दर्शन कर धर्मलाभ अर्जित कर रहे हैं। मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से दिनभर गूंजता रहता है।मंदिर में प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान शिव-पार्वती विवाह महोत्सव वैदिक मंत्रोच्चार एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ भव्य रूप से आयोजित किया जाता है। वहीं श्रावण मास में कांवड़ यात्रियों के स्वागत के लिए ग्रामवासियों द्वारा चाय, जल एवं जलपान की निःशुल्क व्यवस्था की जाती है, जो सेवा, समर्पण और सामाजिक सद्भाव की प्रेरणादायक मिसाल है।ग्रामीण जितेंद्र, गोलू, दीपक, संजू, संजय, चंदन, जितेंद्र सोलंकी, मदन (उपसरपंच), रामेश्वर यादव, अमरसिंह पटेल, दिनेश, विनोद, नरेंद्र एवं शिवपाल ने बताया कि पांच वर्ष पूर्व मंदिर परिसर में मूलभूत सुविधाओं का अभाव था, लेकिन ग्राम पंचायत रणगांव द्वारा लगातार कराए गए विकास कार्यों से आज मंदिर का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है। अब यह क्षेत्र की धार्मिक पहचान के साथ-साथ पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।सरपंच मांगीलाल ने बताया कि सरपंच पद की शपथ लेने के साथ ही उन्होंने संकल्प लिया था कि सदियों पुराने प्राचीन गुप्तेश्वर महादेव मंदिर का समग्र विकास कर इसे क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक स्थल बनाया जाएगा। इसी उद्देश्य से ग्राम पंचायत रणगांव के माध्यम से लगातार विकास कार्य कराए गए। उन्होंने बताया कि इस कार्य में सचिव जितेंद्र पटेल, रोजगार सहायक संतोष गंगारेकर तथा समस्त ग्रामवासियों का महत्वपूर्ण सहयोग मिला। भविष्य में भी श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार एवं मंदिर परिसर के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य निरंतर जारी रहेंगे।आज ग्राम पंचायत रणगांव के प्रयासों से विकसित प्राचीन गुप्तेश्वर महादेव मंदिर और शिखर पर स्थित हनुमान मंदिर धार्मिक आस्था, सामाजिक सहभागिता, पर्यावरण संरक्षण एवं ग्रामीण विकास का प्रेरणादायी मॉडल बन चुके हैं। श्रावण मास में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की विशाल भीड़ इस पवित्र धाम की बढ़ती धार्मिक महत्ता और जनविश्वास का सजीव प्रमाण है।