आवारा गौवंश एवं मवेशियों को सड़कों पर छोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी

कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री किशोर कुमार कन्याल ने जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं एवं लोक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। यह आदेश 27 जुलाई 2026 से 26 सितंबर 2026 तक संपूर्ण गुना जिले में प्रभावशील रहेगा।जारी आदेशानुसार कई पशुपालकों द्वारा गौवंश एवं अन्य मवेशियों को खुले में छोड़ दिया जाता है, जिससे वे सड़कों पर विचरण करते हैं और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। हाल के दिनों में ऐसी दुर्घटनाओं में अनेक मवेशियों की मृत्यु होने के साथ-साथ जनहानि की संभावना भी सामने आई है। इन परिस्थितियों को देखते हुए लोक सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किया गया है।आदेश के अनुसार कोई भी पशुपालक अपने गौवंश या अन्य मवेशियों को जानबूझकर अथवा लापरवाहीपूर्वक सार्वजनिक सड़क या सार्वजनिक स्थान पर खुला नहीं छोड़ेगा। ऐसा पाए जाने पर संबंधित पशुपालक के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।राष्ट्रीय राजमार्ग, राजकीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़कों पर आवारा पशुओं की रोकथाम के लिए संबंधित विभागों को नियमित पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। सड़क दुर्घटना में घायल पशुओं के उपचार तथा मृत पशुओं के तत्काल निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश जारी किए गए हैं।नगरपालिका, नगर परिषद, नगर पंचायत एवं ग्राम पंचायतों को मुनादी कराकर पशुपालकों को अपने पशुओं को घरों में बांधकर रखने के लिए जागरूक करने तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 एवं मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1956 के अंतर्गत आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि आवारा छोड़े गए पशुओं को गौशाला अथवा अन्य सुरक्षित स्थान पर भेजा जाता है, तो उनके परिवहन एवं रखरखाव पर होने वाला व्यय संबंधित पशुपालक से भू-राजस्व की बकाया राशि की तरह वसूला जाएगा। साथ ही, नगर पालिका क्षेत्र में पशुओं का पंजीयन मध्यप्रदेश (रजिस्ट्रीकरण तथा आवारा पशुओं का नियंत्रण) नियम, 2023 के अनुसार अनिवार्य होगा।सड़क पर घायल अथवा मृत अवस्था में गौवंश या अन्य मवेशी मिलने पर नागरिक जिला कंट्रोल रूम 07542-252422, उपसंचालक, पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग के मोबाइल नंबर 9425114178, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के हेल्पलाइन नंबर 1033 अथवा चलित पशु चिकित्सा इकाई के टोल फ्री नंबर 1962 पर सूचना दे सकते हैं। आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 तथा मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1956 के प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।