बुरहानपुर मे गांधीवादी कार्यकर्ताओं की गांधी चिंतन बैठक सम्पन्न

बुरहानपुर के स्थानीय गांधी भवन में दिनांक 19-7-2026 को गांधी वादी कार्यकर्ताओं की गांधी चिंतन बैठक सम्पन्न हुई l बैठक में आगामी समय मे गांधी विचार पर सेमिनार संगोष्ठी व्याख्यान माला, जिला स्तरीय गांधियन सम्मेलन पड़े गांधी के चरण जहां वहां पर पदयात्रा जैसे विषयों पर चर्चा की गई बैठक का आरंभ उपस्थित गांधी जनों ने सर्वधर्म समभाव प्रार्थना से किया प्रार्थना सभा के दौरान गांधी वादी कार्यकर्ता श्री रमेश महाजन ने गांधी जी के प्रिय भजन वैष्णव जन तो तेने कहिए और गांधी वाचनालय के पूर्व सचिव श्री कैलाश जयवंत ने आओ कोई भी पंथी आये कोई धर्मी सबके लिए खुला है मंदिर ये हमारा भजन की मन मोहक प्रस्तुति दी l बैठक के आरंभ में वरिष्ठ गांधी वादी श्री रमेश शुक्ला के साथ श्रम निष्ठा और सेवकत्व भाव से बैठक स्थल की फर्श और खर्चियों की साफ सफाई कर कार्यकर्ताओं ने श्रम दान भी किया l गांधी जी अपने किसी भी काम की शुरुआत के पहले प्रार्थना करते थे, प्रार्थना उनके जीवन का मूल मंत्र रहा है वे अपने जीवन में रचनात्मक कार्यों को बहुत महत्व देते थे उनके रचनात्मक कार्यों में सर्वधर्म समभाव को उन्होंने प्रथम स्थान दिया है प्रार्थना हमे असत्य से सत्य की ओर ले जाती है, इंसानियत की भावना को जगाती है, और प्रार्थना करने से आपस में आदर, प्रेम, और सत्कार की भावना बढ़ती है और इसी विचार को आत्मसात करते हुए इस बैठक मे गांधी भवन में गांधी विचार से संबंधित होने वाले कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना से करने का भी निर्णय लिया गया

इस अवसर पर सर्वोदय मंडल के जिला संयोजक श्री मुकेश राजे, गांधी ग्लोबल फैमिली की जिला अध्यक्ष श्रीमती तसनीम मर्चेंट, गांधी विचार के अध्येता डा वीरेंद्र निर्झर स्वर्णकार, राजनीतिक मामलों के विश्लेषक श्री शेख रुस्तम, श्री डा गिरीश कुमार श्राफ, श्री डा कृष्ण कुमार सुखवानी, श्री शिवचरण शर्मा, श्री डा यूसुफ खान, श्री मोहम्मद भाई मर्चेंट, श्री डा संजय चित्ते,श्री मो अमजद खान, श्री मो. मतीन, श्री रियाजुल हक अंसारी, श्री श्री मकतूम मियां, श्री मो अर्श, श्री सोहेल अंसारी, श्री दिलीप तायड़े आदि ने गांधी विचार को हम समाज में तथा जन-जन तक कैसे ले जाये इस पर अपने विचार और सुझाव रखे l इस अवसर पर सभा मे गांधी विचारक और साहित्यकार प्रोफेसर डा वीरेंद्र कुमार निर्झर ने कहा कि गांधी दर्शन में मानवता का दर्शन है आज देश और समाज में मानवता की बड़ी कमी है हमारी संवेदना शून्य होती जा रही है गांधी वादी विचारों के लिए पहली चीज है आप में वह मानवीय संवेदना जागे l बैठक के अंत में मो अमजद खान ने सभी का आभार व्यक्त किया l