आईआईटी मद्रास के सहयोग से जेआईटी बोरावां में एनपीटीईएल कार्यशाला का आयोजन।

। रिपोर्टर नवीन रायली शिक्षकों एवं शिक्षाविदों को ऑनलाइन शिक्षा और कौशल विकास के नए अवसरों से कराया जाएगा अवगतजवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी (जेआईटी), बोरावां में शनिवार 27 जून 2026 को देश की प्रतिष्ठित संस्था आईआईटी मद्रास के सहयोग से एक दिवसीय एनपीटीईएल (NPTEL) कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षाविदों को एनपीटीईएल एवं स्वयं (SWAYAM) पोर्टल पर उपलब्ध उच्च गुणवत्ता वाले ऑनलाइन पाठ्यक्रमों, प्रमाणपत्र कार्यक्रमों तथा शैक्षणिक अवसरों की विस्तृत जानकारी प्रदान करना है।कार्यशाला में आईआईटी मद्रास के वरिष्ठ शिक्षाविद प्रो. शिब सुंदर दास मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे। वे प्रतिभागियों को एनपीटीईएल के अंतर्गत संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों, उनकी उपयोगिता, नामांकन प्रक्रिया, प्रमाणन व्यवस्था तथा आईआईटी एवं अन्य प्रमुख संस्थानों द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे गुणवत्तापूर्ण ऑनलाइन शिक्षण संसाधनों के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।नई शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन पर रहेगा विशेष फोकससंस्थान के प्राचार्य डॉ. अतुल उपाध्याय ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यशाला में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के प्रभावी क्रियान्वयन में एनपीटीईएल की भूमिका पर विशेष चर्चा की जाएगी। विशेषज्ञ बताएंगे कि किस प्रकार एनपीटीईएल विद्यार्थियों को बहुविषयक शिक्षा, कौशल विकास, क्रेडिट ट्रांसफर, ऑनलाइन एवं लचीली शिक्षण व्यवस्था तथा आजीवन अधिगम ¼Lifelong Learning½ के अवसर प्रदान करता है।एनपीटीईएल और स्वयं पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को अपनी रुचि एवं आवश्यकता के अनुसार विभिन्न विषयों का अध्ययन करने का अवसर देते हैं। इससे उन्हें रोजगारोन्मुखी कौशल विकसित करने, तकनीकी दक्षता बढ़ाने तथा प्रतिस्पर्धी वातावरण में स्वयं को बेहतर बनाने में सहायता मिलती है।एक दिवसीय कार्यशाला में सम्मिलित होंगें 200 प्रतिभागीजेआयटी बोरावां में 27 जून 2026 को आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला समन्वयक प्रो. लवकेश पाटीदार एवं एसपीओसी (SPOC) श्रीमती दीपाली ठाकुर ने बताया कि इसमें खरगोन , खण्डवा, बड़वानी, धार एवं इन्दौर सहित अन्य जिलों से लगभग 200 प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है, जिनमें जेआईटी बोरावां सहित मध्यप्रदेश के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के शिक्षक, शोधार्थी एवं अकादमिक विशेषज्ञ भाग लेंगे। यह कार्यशाला प्रतिभागियों को डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्ध नवीनतम अवसरों और संसाधनों से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण मंच सिद्ध होगी। कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु संस्थान की टीम द्वारा विशेष तैयारियॉ की जा रही हैं।संस्था प्रबंधन ने की सहभागिता की अपीलसंस्थान प्रबंधन ने शिक्षकों एवं शिक्षा जगत से जुड़े सभी लोगों से इस कार्यशाला में अधिकाधिक संख्या में सहभागिता कर ऑनलाइन शिक्षा, कौशल विकास एवं आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों का लाभ उठाने की अपील की है।डीन एकेडमिमक डॉ. सुनील सुगंधी ने बताया कि आईआईटी मद्रास और जेआईटी बोरावां की यह पहल डिजिटल शिक्षा, कौशल विकास और नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों को धरातल पर उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो ।