रानी दुर्गावती बलिदान दिवस पर एमपीईबी हॉस्पिटल पाली में रक्तदान शिविर आयोजित, रिकॉर्ड 111 यूनिट रक्त एकत्रित हुआ पाली

वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस की स्मृति में स्थानीय एमपीईबी हॉस्पिटल परिसर, पाली में बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर समिति द्वारा स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में युवाओं एवं महिला रक्तदाताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए रक्तदान कर रानी दुर्गावती के अद्वितीय साहस, त्याग एवं बलिदान को श्रद्धापूर्वक नमन किया।आयोजित रक्तदान शिविर में जिला रक्त केंद्र उमरिया की टीम द्वारा रक्त संग्रहण किया गया। शिविर का संचालन आरोग्य भारती के संयुक्त संयोजन में संपन्न हुआ, जिसमें सभी रक्तदाताओं एवं सामाजिक संगठनों की सहभागिता सराहनीय रही।इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. के.सी. सोनी ने रक्तदान शिविर के सफल आयोजन हेतु बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर उनका आभार व्यक्त किया। वहीं गोंडवाना सेवा समिति, बिरसिंहपुर पाली द्वारा डॉ. के.सी. सोनी, सिविल सर्जन उमरिया तथा श्री वीरेंद्र शर्मा, वरिष्ठ प्रयोगशाला तकनीशियन को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।ब्लड बैंक अधिकारी डॉ. मुकुल तिवारी ने कहा कि रक्तदान समाज सेवा का सर्वोत्तम माध्यम है। एक यूनिट रक्त कई जरूरतमंद मरीजों के जीवन की रक्षा कर सकता है। उन्होंने युवाओं से नियमित एवं स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि सुरक्षित रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में समाज के प्रत्येक जागरूक नागरिक की महत्वपूर्ण भूमिका है।शिविर में रक्तदान के लिए युवाओं के साथ-साथ महिला रक्तदाताओं का उत्साह विशेष रूप से देखने को मिला। रक्तदान हेतु कुल 115 रक्तदाताओं का पंजीयन किया गया, जिसमें से 111 रक्तदाताओं ने रक्तदान किया। कुल 111 रक्तदाताओं में 5 महिलाओं एवं 106 पुरुषों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान में सहभागिता निभाई।डॉ. के.सी. सोनी ने बताया कि शिविर से प्राप्त रक्त का उपयोग प्राथमिकता के आधार पर सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित रोगियों, थैलेसीमिया मरीजों तथा रक्त की कमी से जूझ रही गर्भवती महिलाओं के उपचार में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि “रक्तदान महादान है। प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को हर तीन माह में नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए। रक्तदान न केवल किसी जरूरतमंद को नया जीवन प्रदान करता है, बल्कि इससे हृदय रोगों के जोखिम में कमी आती है तथा शरीर में नई रक्त कोशिकाओं के निर्माण की प्रक्रिया तेज होकर रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूती मिलती है।”शिविर के सफल आयोजन पर सभी सामाजिक संगठनों, रक्तदाताओं एवं जिला रक्त केंद्र की टीम को बधाई दी गई तथा भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया गया।