आदिवासी भील समाज संगठन की जिला महापंचायत में ऐतिहासिक निर्णय

शकील खान मनावर से 9755 49 8 752, मनावरधार जिले में डी-3 अभियान के तहत दहेज, दारू और डीजे पर प्रतिबंध का फैसलाधार। आदिवासी भील समाज संगठन द्वारा धार जिले में आयोजित जिला महापंचायत में समाज हित एवं सांस्कृतिक संरक्षण को लेकर कई महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। महापंचायत में बड़ी संख्या में भील समाजजन, वरिष्ठजन, युवा एवं महिला प्रतिनिधियों एवं धार कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीना, पुलिस अधीक्षक श्री सचिन शर्मा के साथ प्रशासन की टीम भी उपस्थिति रही। समाज ने सामूहिक निर्णय लिया साथ ही प्रशासन का ज्ञापन दिया हैं।महापंचायत में सर्वसम्मति से विवाह एवं सामाजिक आयोजनों में डी-3 अभियान लागू करने का निर्णय लिया गया। डी-3 का अर्थ है – पहला डी : दहेज, दूसरा डी : दारू और तीसरा डी : डीजे। समाज ने इन तीनों कुप्रथाओं एवं अवांछित प्रथाओं पर रोक लगाने का संकल्प लिया।समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि वर्तमान समय में विवाह समारोहों में बढ़ते फिजूल खर्च, सामाजिक प्रतिस्पर्धा और आर्थिक बोझ के कारण गरीब एवं मध्यम वर्गीय परिवारों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए दहेज प्रथा पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है। समाज ने माना कि दहेज की परंपरा का वर्तमान समय में दुरुपयोग हो रहा है, जिससे सामाजिक असमानता और आर्थिक समस्याएं बढ़ रही हैं।महापंचायत में यह भी निर्णय लिया गया कि विवाह एवं अन्य सामाजिक आयोजनों में अंग्रेजी शराब का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

समाज का मानना है कि नशा सामाजिक, पारिवारिक एवं आर्थिक समस्याओं का प्रमुख कारण बन रहा है तथा युवा पीढ़ी को इससे दूर रखना आवश्यक है।सांस्कृतिक संरक्षण के उद्देश्य से डीजे साउंड पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया। समाज के वरिष्ठजनों ने कहा कि आदिवासी संस्कृति की पहचान ढोल, मांदल, मंजीरा, थाली, पारंपरिक लोकगीत एवं मधुर बांसुरी वादन से रही है। डीजे संस्कृति का आदिवासी परंपराओं से कोई संबंध नहीं है। इसलिए विवाह एवं अन्य कार्यक्रमों में पुनः पारंपरिक वाद्य यंत्रों और लोक संस्कृति को बढ़ावा दिया जाएगा।महापंचायत में समाज के हित में अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की गई तथा गाँवगयड़ा (सामाजिक विवादों से जुड़ी प्रथा) एवं धर्मांतरण पर रोक लगाने का भी निर्णय लिया गया। समाज ने शिक्षा, सामाजिक एकता, सांस्कृतिक संरक्षण तथा युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने पर विशेष बल दिया।महापंचायत में उपस्थित समाजजनों ने संकल्प लिया कि आदिवासी समाज की गौरवशाली परंपराओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित रखते हुए सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के लिए सामूहिक रूप से कार्य किया जाएगा। कार्यक्रम में जयस प्रदेश अध्यक्ष भीम सिंग गिरवाल आदिवासी भील समाज संगठन जिला अध्यक्ष भारत गिरवाल पूर्व सांसद गुमान सिंग डामोर, पूर्व विधायक वेलसिंग भूरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष सरदार मेड़ा जी श्री नंदराम जी गिरवाल, प्रदेश अध्यक्ष सीताराम मुकाती संगठन संस्थापक संतोष कटारे , जिला सचिव राजपाल ओसारी जी जिला सह सचिव डॉ संजय मचार जी।