भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में 1730 विद्यार्थियों ने लिया भाग सोंडवा तहसील के 24 परीक्षा केंद्रों पर एक साथ आयोजित हुई परीक्षा

।SJ NEWS MP से आलीराजपुर जिला ब्यूरो मोहसिन मंसूरी कि खबर।आलीराजपुर (सोंडवा) – गायत्री परिवार तहसील सोंडवा, जिला आलीराजपुर के तत्वावधान में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षा में सोंडवा तहसील के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। तहसील के 24 परीक्षा केंद्रों पर 1730 विद्यार्थियों ने एक ही समय में परीक्षा में सम्मिलित होकर आयोजन को सफल बनाया।भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, संस्कार, सामान्य ज्ञान एवं महापुरुषों के जीवन-आदर्शों के प्रति जागरूकता विकसित करना है। परीक्षा में भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता को समृद्ध बनाने वाले महापुरुषों, वीरांगनाओं तथा इतिहास, विज्ञान, सामान्य ज्ञान एवं समसामयिक ज्ञान से संबंधित प्रश्नों को शामिल किया जाता है। इससे विद्यार्थियों के बौद्धिक, सामाजिक एवं तार्किक ज्ञान को विकसित करने में सहायता मिलती है तथा उन्हें भविष्य में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी उपयोगी आधार प्राप्त होता है।परीक्षा में बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे गए, जिनके चार विकल्पों में से विद्यार्थियों को सही उत्तर का चयन कर OMR शीट पर गोला भरकर उत्तर अंकित करना था। इस पद्धति के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में अपनाई जाने वाली परीक्षा प्रणाली का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त हुआ।*गायत्री परिवार तहसील सोंडवा के तहसील समन्वयक श्री इंग्लेश तोमर ने बताया कि इस वर्ष सोंडवा तहसील में 24 परीक्षा केंद्रों पर कुल 1730 विद्यार्थियों ने परीक्षा में सहभागिता की।

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ उनके ज्ञान एवं व्यक्तित्व विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।*परीक्षा के सफल आयोजन में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के तहसील संयोजक श्री कमलसिंह सोलंकी, सह-संयोजक श्री अरविन्द तोमर, श्री जंबूसिंह ठकराला, श्री सोमसिंह डावर, श्री रमेश निंगवाल, श्री रामलाल तोमर, श्री छगनसिंह सस्तीया, श्री कृष्णा सोलंकी, श्री लालसिंह डोडवा, श्री नारायण तोमर, श्री भायसिंह डावर सहित गायत्री परिवार के अनेक कार्यकर्ताओं एवं सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।*आयोजकों ने परीक्षा में सहभागी सभी विद्यार्थियों, विद्यालयों, शिक्षकों एवं सहयोगी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों के प्रसार के लिए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखने की बात कही।