मंगल कलश यात्रा निकालकर भागवत कथा का हुआ शुभारंभ

रमाकांत मोरे जयपुर के प्रख्यात गोविंद देवजी मंदिर स्थित जगतगुरु आश्रम में भागवत कथा के शुभारंभ के पुर्व धार्मिक परंपरा के अनुसार कलश यात्रा निकाली गई । महिला समाजसेविका एवं श्री खाटु श्याम सेना ट्रस्ट जयपुर के राष्ट्रीय प्रचारमंत्री गिता गुप्ता ने बताया की कथा के शुभारंभ के पुर्व महिलाओं ने कलश को सिर पर लेकर धार्मिक कार्य एवं भक्ति भाव से जुड़े रहने का संदेश देकर जागरूक किया । सात दिवसीय भागवत कथा का शुभारंभ आज हुआ है । कथा के मुख्य यजमान स्वयं लक्ष्मी नारायण भगवान है । कथा के पहले महंत स्वामी अक्षयानंद महाराज सरस्वती ने दीप प्रज्वलित कर कथा का शुभारंभ किया । व्यासपीठ पर विराजित व्यास पंडित विद्या सागर महाराज जी ने अपनी अमृतवाणी से पहले दिन भागवत कथा का महत्व समझाते हुए कहा की मनुष्य जीवन में धार्मिक कार्य मे अग्रसर रहने वाले व्यक्तियों का जीवन सफल होता है ।

श्राद्ध पक्ष में जो भी भक्त मन से कथा श्रवण करते हैं । उनके जीवन में से पितृ दोष मुक्त होकर उनका जीवन साकार होता है । ट्रस्टी चंद्र महेश झालानी ने बताया की सात दिवसीय कथा का समय दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक कथा होगी । कथा से पुर्व मंगल कलश यात्रा निकाली गई । इस भागवत कथा का लाभ बडी संख्या में महिला , पुरुष एवं युवा साथी ले रहे हैं ।