दिगंबर जैन धर्म का सबसे महान पर्व पर्युषण पर्व यानि दस लक्षण पर्व दिनांक16 सितम्बर से

। रिपोर्टर नवीन रायली ,,,25,,सितम्बर तक चलने वाले महान पर्व मे प्रत्येक दिन सुबह नित्य नियम अभिषेक,,चारो कलशो एंव एक मुख्य कलश से प्रभु का अभिषेक किया जायेगा ओर उसके पश्चात शांति धारा,, श्रीजी कि मंगल आरती ओर रात्रि मे महा आरती,,शास्त्र प्रवचन,, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जायेगा ,,,17,, सितम्बर को सुपार्श्वनाथ भगवान का गर्भ कल्याणक 19,,,सितम्बर को पुष्पदंत नाथ भगवान का मोक्षकल्याणक,21सितम्बर को सुगन्ध दशमी 25,,,सितम्बर को वासु पुज्य भगवान का मोक्ष कल्याणक अनंत चतुर्दशी पर्व उसि दिन दोपहर को अपने किये कर्मों कि निर्जरा के निमित्त अग्नि मे धुप चढ़ाकर धुप दशमी पर्व मनाया जायेगा और पर्व के अंतिम दिन भगवान कि पालकी यात्रा नगर भ्रमण करके मंदिर जी मे कलशारोहन करने के बाद वर्ष भर मे जानते अनजानते भी मनुष्य से अनेक प्रकार कि गलतियां होती है उन्ही गलतियों को भुलाने के लिये,,, छोटे,,बडो सभी से गले मिलकर,,क्षमा वाणि,,, पर्व मनाया जाता है इस प्रकार इन दस दिनो मे,,त्याग,,, तपस्या,,संयम का विशेष महत्व बताया गया हे और उसी कड़ी मे समाज जन ,,एक,,दो,,तिन,,पाऀच,,ओर अपनि शक्ति अनुसार दस,,दस,, उपवास कि साधना भी की जाति है समस्त समाज कि महिला वर्ग ने मां जिनवाणी कि वैय्यावर्ति कि एंव पुरुष वर्ग श्रीजी कि प्रतिमाओ का परिमार्जन भी किया गया यह जानकारी समाज मिडिया प्रभारि पंकज जी जैन (दीप सुपर शाप)वालो ने दी।