सोंडवा तहसील के 9 स्थानों पर श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ गायत्री महायज्ञ, उपाकर्म व यज्ञोपवीत परिवर्तन
।SJ NEWS MP से आलीराजपुर जिला ब्यूरो मोहसिन मंसूरी कि खबर।

आलीराजपुर — गायत्री परिवार तहसील सोंडवा जिला आलीराजपुर में श्रावणी पूर्णिमा रक्षाबंधन के पावन अवसर पर दस स्नान, उपाकर्म एवं यज्ञोपवीत परिवर्तन के साथ 5 व 1 कुंडिय गायत्री महायज्ञ निम्न स्थानों पर सम्पन्न किए गए:-5 कुंडिय गायत्री महायज्ञ सम्पन्न किए गए प्रज्ञास्थान:-1. नव चेतना विस्तार केंद्र सोंडवा(टेमला शिव मंदिर)! उपस्थित परिजनों की संख्या:-402. गायत्री प्रज्ञा पीठ अट्ठाउपस्थित परिजनों की संख्या:-553.गायत्री प्रज्ञा पीठ बिछोली, उपस्थित परिजनों की संख्या:-654.गायत्री प्रज्ञा मंडल लोढ़नी, उपस्थित परिजनों की संख्या:-901.वृक्षारोपण:- श्री आकाश डावर 25 पौधे आम2.श्री वेस्ता निंगवाल 5 पौधे आमसंस्कार:- 2 मुंडन संस्कार,1अन्न प्रासन संस्कार,1 नामकरण संस्कार।

1 कुंडिय गायत्री महायज्ञ सम्पन्न किए गए प्रज्ञास्थान:-1. गायत्री प्रज्ञा पीठ छकतला, उपस्थित परिजनों की संख्या:-1062. गायत्री प्रज्ञा पीठ बुरमा, उपस्थित परिजनों की संख्या 353. गायत्री प्रज्ञा पीठ बड़दा, उपस्थित परिजनों की संख्या:-604. गायत्री प्रज्ञा मंडल मोराजी, उपस्थित परिजनों की संख्या:-305. नव चेतना विस्तार केंद्र मथवाड़, उपस्थित परिजनों की संख्या:-101 गायत्री परिवार के तहसील समन्वयक श्री इंग्लेश तोमर ने बताया कि प्रतिवर्षानुसार इस बर्ष सोंडवा तहसील में अधिक श्रद्धा और उल्लास के साथ श्रावणी पूर्णिमा, उपाकर्म(यज्ञोपवीत)व दस स्नान किया गया। उन्होंने बताया कि इस पवित्र कर्म से आत्म शुद्धि तो होती ही है, साथ ही वर्ष भर जाने अंजाने में हुई भुल के लिए भी प्रायश्चित किया जाता है।

रक्षाबंधन भाई बहन के प्रेम का प्रतीक है, भाई,बहनों की रक्षा करने हेतु जीवन भर साथ निभाने का वचन देता है ऐसा यह अनमोल त्यौहार सभी के जीवन में खुशियां लेकर आता है,इसे सभी के साथ मिलकर आत्मियता के भाव के साथ मनाने का आव्हान किया। उन्होंने बताया कि सोंडवा तहसील के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में 9 स्थानों पर श्रावणी पूर्णिमा पर्व पर दस स्नान , उपाकर्म एवं यज्ञोपवीत परिवर्तन ओर वृक्षारोपण ,अन्य संस्कार ,सम्पन्न किए गए।