मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के विरोध में कांग्रेस का सत्याग्रह एवं उपवासशाहपुर में रविंद्र महाजन के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जताया विरोध

, अंबेडकर चित्र पर माल्यार्पण कर संविधान के समक्ष बांधी काली पट्टीशाहपुर/बुराहनपुर। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी एवं जिला कांग्रेस कमेटी बुरहानपुर (ग्रामीण) के निर्देशानुसार कांग्रेस की राज्यसभा प्रत्याशी सुश्री मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में बुधवार को शाहपुर में सत्याग्रह एवं उपवास कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व वरिष्ठ कांग्रेस नेता रविंद्र महाजन ने किया। नगर कांग्रेस कमेटी शाहपुर एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी शाहपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं समर्थक शामिल हुए।छत्रपति शिवाजी महाराज प्रतिमा के पास कार्यक्रम प्रातः 11 बजे से शाम 4 बजे तक चला। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण कर संविधान के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की तथा संविधान के चित्र के समक्ष काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया। कार्यकर्ताओं ने अपनी भुजाओं पर भी काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प दोहराया।कार्यक्रम में रामभाऊ लांडे, किशोर देशमुख, अशोक पाटिल, शैलेन्द्र इंगले, किशोर खांडवेकर, नितिन इंगले, कैलाश असेरकर,

आरती लांडे, मुकेश महाजन, सुधीर बाविस्कर, किशोर बोदड़े, प्रवीण टेभुरने, भारत चौधरी, साजिद कुरैशी, हंसराज पाटिल, संतोष होभड़े, रतिलाल पवार, संतोष ससाने, अरुण पाटिल, अजय तायड़े, श्रीराम चौहान, निलेश पासे, निनाद पाटिल, कृष्णा पाटिल सहित कांग्रेस की विभिन्न इकाइयों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।इस अवसर पर रविंद्र महाजन ने कहा कि कांग्रेस की राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किया जाना लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा प्रहार है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस आधार पर नामांकन निरस्त किया गया, उसका प्रत्याशी के नामांकन से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं था, फिर भी एकतरफा निर्णय लेकर नामांकन रद्द कर दिया गया। उन्होंने कहा कि पहले भारतीय जनता पार्टी पर वोट चोरी के आरोप लगते रहे हैं और अब विपक्षी उम्मीदवारों को चुनावी प्रक्रिया से बाहर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। यह फैसला निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया और लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध प्रतीत होता है। कांग्रेस पार्टी इस निर्णय का पुरजोर विरोध करती है और संविधान तथा लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपना संघर्ष निरंतर जारी रखेगी।कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा, संविधान की गरिमा बनाए रखने तथा जनमत के सम्मान की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करने का संकल्प लिया।