ई-अटेंडेंस के नाम पर शिक्षकों का वेतन रोकने पर जताई नाराजगी, उठाई कार्रवाई की मांग

नरेन्द्र राय रायसेन/ रायसेन। स्कूल शिक्षा विभाग में लागू की गई ई-अटेंडेंस व्यवस्था को लेकर शिक्षकों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। तकनीकी दिक्कतों और नेटवर्क की समस्या के कारण ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं कर पाने वाले शिक्षकों का वेतन रोकने का मामला सामने आया है। इसको लेकर शिक्षक संगठन ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए वेतन तत्काल जारी करने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।शासकीय शिक्षक संगठन की ओर से दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि जिला शिक्षा विभाग द्वारा एक जुलाई से शिक्षकों के लिए ई-अटेंडेंस व्यवस्था लागू की गई है। जिले के करीब 98 प्रतिशत शिक्षकों द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी उपस्थिति दर्ज कराई जा रही है। इसके बावजूद कुछ शिक्षक तकनीकी कारणों से समय पर ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं कर पाए। कई शिक्षकों के मोबाइल में तकनीकी समस्या, नेटवर्क नहीं मिलने और अन्य कारणों से उपस्थिति दर्ज नहीं हो सकी।ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि तकनीकी समस्याओं का समाधान किए बिना ही शिक्षकों पर कार्रवाई की जा रही है। कुछ शिक्षकों का वेतन रोक दिया गया है। शासकीय शिक्षक संगठन जिलाध्यक्ष हरिराम विश्वकर्मा का कहना है कि शिक्षकों ने जानबूझकर ई-अटेंडेंस का विरोध नहीं किया है। जिन शिक्षकों की उपस्थिति तकनीकी कारणों से दर्ज नहीं हो पाई ।उनकी वास्तविक उपस्थिति स्कूल के रिकॉर्ड और अन्य माध्यमों से सत्यापित की जा सकती है।शिक्षकों ने बताया कि ई-अटेंडेंस व्यवस्था शुरू होने के बाद कई बार नेटवर्क और तकनीकी समस्या सामने आई। इसके कारण शिक्षक उपस्थिति दर्ज कराने का प्रयास करने के बावजूद सफल नहीं हो सके। ऐसे मामलों में बिना तथ्यात्मक जांच किए वेतन रोकना शिक्षकों के साथ अन्याय है।शिक्षक संगठन ने अधिकारियों से मांग की है कि तकनीकी कारणों से ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं कर पाने वाले शिक्षकों के मामलों की जांच कराई जाए। जिन शिक्षकों की उपस्थिति स्कूल में रही है, उनका वेतन नहीं रोका जाए और रोका गया वेतन शीघ्र जारी किया जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी कार्रवाई से पहले शिक्षकों को पर्याप्त अवसर दिया जाए।ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि वेतन रोकने जैसी कार्रवाई से शिक्षकों को आर्थिक परेशानी के साथ मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षकों का कहना है कि विभाग को नई ऑनलाइन व्यवस्था लागू करने के साथ तकनीकी समस्याओं का भी समाधान करना चाहिए, ताकि शिक्षक बिना परेशानी के अपनी उपस्थिति दर्ज कर सकें।शिक्षक संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि तकनीकी कारणों से रोका गया वेतन शीघ्र जारी नहीं किया गया और शिक्षकों के विरुद्ध की गई कार्रवाई वापस नहीं ली गई तो संगठन आगे भी अधिकारियों के समक्ष अपनी मांग रखेगा। संगठन ने शिक्षकों के हित में संवेदन शीलता के साथ निर्णय लेने और ई-अटेंडेंस व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।शिक्षकों की सूची जिनका वेतन रोका गया है सांची ब्लॉक रायसेन क्रमांक 1 शिक्षक का नाम श्रीमती सावित्री साहू स्कूल का नाम शासकीय हाई स्कूल झिरनियां, चिकित्सा अवकाश होने के कारण, क्रमांक शासकीय हाई स्कूल झिरनिया वेतन रोकने का कारण लघु किया तो अवकाश पर होने के कारण क्रमांक 2 शिक्षक का नाम श्रीमती रेणुका महाजन शासकीय हाई स्कूल झिरनिया वेतन रोकने का कारण पूर्ण स्वीकृत सीसीएल पर होने के कारण क्रमांक 3 श्रीमती मौसमी तिवारी शासकीय हाई स्कूल झिरनियां चिकित्सा अवकाश होने के बाद, क्रमांक 4 हरिराम विश्वकर्मा शासकीय हाईस्कूल झिरनियां 90 प्रतिशत ई- अटेंडेंस नहीं लग पाने के कारण ।क्रमांक 5 अजय सिंह बघेल शासकीय हाईस्कूल झिरनियां 90 प्रतिशत ई- अटेंडेंस नहीं लग पाने से क्रमांक 6 रजनी मिश्रा शासकीय प्राथमिक शाला झिरनिया 90 प्रतिशत ई -अटेंडेंस नहीं होने के कारण। संकुल केंद्र हाई स्कूल पग नेश्वर में पदस्थ एक बड़े बाबू के मनमाने कारनामों की वजह से छह शिक्षकों का वेतन कटने की कगार पर है।बताया जाता है कि यह बड़े बाबू अपनी मनमानी करते हुए बेवजह शिक्षकों को परेशान कर रहा है।शिक्षक की ये परेशानी…शिक्षक अजय सिंह बघेल जब हाई स्कूल झिरनियां जा रहे थे। तभी जल्दबाजी के चक्कर में नाले में उनकी बाइक गिर गई। जिससे वह मोटसाइकिल मोबाइल सहित लबालब नाले के पानी में भीग गए थे। राहगीर एक युवक ने उनकी मदद कर पानी से जैसे तैसे पार कराया।