NEET पेपर लीक मामले में कांग्रेस का कैंडल मार्च, दिवंगत छात्रों को दी श्रद्धांजलि

रमाकांत मोरे बुरहानपुर जिले के शाहपुर नगर में रविंद्र महाजन के नेतृत्व में शाहपुर में निकला कैंडल मार्च, शिक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांगशाहपुर, बुरहानपुर।NEET पेपर लीक मामले एवं इस प्रकरण से जुड़े घटनाक्रम में जान गंवाने वाले छात्र-छात्राओं की स्मृति में नगर कांग्रेस कमेटी शाहपुर एवं शाहपुर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा संयुक्त रूप से जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के अध्यक्ष रविंद्र महाजन के नेतृत्व में कैंडल मार्च निकाला गया। कैंडल मार्च जय स्तंभ से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए महात्मा ज्योतिबा फुले प्रतिमा तक निकाला गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर दिवंगत विद्यार्थियों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। साथ ही NEET पेपर लीक मामले के दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई एवं विद्यार्थियों को न्याय दिलाने की मांग की गई।यह रहे उपस्थितकैंडल मार्च में रामभाऊ लांडे, शैलेंद्र इंगले, आरती लांडे, गोपाल मोतेकर, हंसराज पाटिल, बलवंत पाटिल, प्रकाश यावतकर, मुकेश बुंनगाड, अरुण पाटिल, राजू गावंडे, प्रवीण टेभुरने, किशोर देशमुख सहित नगर कांग्रेस कमेटी शाहपुर एवं शाहपुर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।रविंद्र महाजन का बयानकैंडल मार्च को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के अध्यक्ष रविंद्र महाजन ने कहा कि केंद्र एवं मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार छात्रों को न्याय दिलाने में पूरी तरह विफल रही है। सरकार न तो विद्यार्थियों की पीड़ा सुन रही है और न ही उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर छात्रों के आंदोलन को लंबा खींच रही है ताकि अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाया जा सके। उनका आरोप था कि राम मंदिर में दान चोरी तथा मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री से जुड़े कथित जमीन घोटाले जैसे मामलों से ध्यान हटाने के लिए यह स्थिति बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुरुआत से ही NEET पेपर लीक मामले को प्रमुखता से उठाया है और लगातार छात्रों के न्याय की आवाज बुलंद कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी विद्यार्थियों के साथ पहले भी खड़ी थी, आज भी उनके साथ है और आगे भी उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ती रहेगी। रविंद्र महाजन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि इस पूरे प्रकरण की नैतिक जिम्मेदारी प्रधानमंत्री की भी बनती है, इसलिए उन्हें भी नैतिक आधार पर इस्तीफा देना चाहिए।