मध्यप्रदेश में UCC लागू: उपभोक्ता अधिकार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अरूण तिवारी ने भाजपा सरकार को दिया धन्यवाद “एक विधान, समान अधिकार, सबका न्याय – समान नागरिक संहिता से सशक्त समाज, समृद्ध प्रदेश

रमाकांत मोरे मध्यप्रदेश/ मे- विधानसभा द्वारा समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) विधेयक पारित किए जाने के बाद प्रदेशभर में इस ऐतिहासिक निर्णय पर विभिन्न सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी क्रम में उपभोक्ता अधिकार संगठन, मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष अरूण तिवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं भाजपा सरकार का आभार व्यक्त करते हुए इसे संविधान की समानता की भावना को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक कदम बताया।अरूण तिवारी ने कहा कि “एक विधान, समान अधिकार और सबका न्याय” केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक ऐसे भारत की परिकल्पना है जहां प्रत्येक नागरिक को कानून के समक्ष समान अवसर और समान संरक्षण प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता समाज में समानता, पारदर्शिता और न्याय व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करेगी तथा महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और सामाजिक समरसता को नई दिशा देगी।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम सामाजिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और पारिवारिक मामलों में समान कानूनी व्यवस्था स्थापित होने से नागरिकों के अधिकार अधिक स्पष्ट और सुरक्षित होंगे। यह व्यवस्था संविधान में निहित समानता एवं न्याय के मूल सिद्धांतों को व्यवहारिक रूप देने का कार्य करेगी।प्रदेश अध्यक्ष अरूण तिवारी ने विश्वास व्यक्त किया कि समान नागरिक संहिता से मध्यप्रदेश सामाजिक रूप से अधिक संगठित, न्यायपूर्ण और विकासोन्मुख बनेगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय महिलाओं के सम्मान, परिवार व्यवस्था की मजबूती तथा नागरिकों के समान अधिकारों की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा।उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि सभी नागरिक इस कानून को संविधान की भावना के अनुरूप समझें तथा सामाजिक सद्भाव, समानता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाएं।अरूण तिवारी ने कहा—”समान नागरिक संहिता केवल एक कानून नहीं, बल्कि समान अधिकार, समान अवसर और समान न्याय की संवैधानिक भावना का सशक्त प्रतीक है। इससे सशक्त समाज और समृद्ध मध्यप्रदेश के निर्माण को नई गति मिलेगी।”