मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने सात मामलों में लिया संज्ञान, संबंधित अधिकारियों से मांगा जवाब

उज्जैन इरफान अंसारी मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के माननीय अध्यक्ष डॉ. अवधेश प्रताप सिंह ने विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित प्रथम दृष्टया मानवाधिकार उल्लंघन के सात मामलों में स्वतः संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों एवं अधिकारियों से निर्धारित समय-सीमा में प्रतिवेदन तलब किया है।मुख्य मामले इस प्रकार हैं:🔹 भोपाल: अरविंद विहार, हमीदिया रोड और त्रिलंगा क्षेत्र में सड़क निर्माण के बाद शोल्डर नहीं बनाए जाने से तीन लाख से अधिक लोग परेशान हैं। आयोग ने प्रमुख अभियंता, लोक निर्माण विभाग से एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट मांगी है।🔹 बालाघाट: ग्राम पिपरटोला के एक कुएं में जहरीली गैस से किसान और मिस्त्री की दम घुटने से मौत के मामले में आयोग ने कलेक्टर से जांच रिपोर्ट एवं मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता संबंधी जानकारी दो सप्ताह में मांगी है।🔹 छिंदवाड़ा: बिछुआ वन क्षेत्र के बफर जोन में बाघ के हमले से 70 वर्षीय बुजुर्ग की मौत पर आयोग ने जिला वन अधिकारी से एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट और आर्थिक सहायता संबंधी जानकारी मांगी है।🔹 जबलपुर: स्कूल-कॉलेजों के बाहर मनचलों द्वारा छात्राओं से छेड़छाड़, फब्तियां कसने और जबरन फोटो खींचने की शिकायतों पर आयोग ने पुलिस अधीक्षक से दो सप्ताह में कार्रवाई प्रतिवेदन मांगा है।🔹 सिंगरौली: देवसर विधानसभा के ग्राम ढेकी स्थित जर्जर आंगनबाड़ी भवन में बच्चों को बैठाने के मामले में आयोग ने महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला अधिकारी से दो सप्ताह में जांच रिपोर्ट तलब की है।🔹 शहडोल: ओरिएंट पेपर मिल (ओपीएम) अमलाई में स्टीम पाइप लाइन वाल्व लीकेज से गर्म पानी गिरने से श्रमिक के गंभीर रूप से झुलसने की घटना पर आयोग ने कलेक्टर से दो सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है।🔹 जबलपुर (पाटन): 11 केवी लाइन पर कार्य के दौरान करंट लगने से 15 फीट ऊंचाई से गिरकर आउटसोर्स कर्मी के गंभीर रूप से घायल होने के मामले में आयोग ने प्रमुख अभियंता, पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी से दो सप्ताह में जांच प्रतिवेदन मांगा है।मानव अधिकार आयोग ने सभी मामलों में संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।