सर्पदंश से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी, क्या करें – क्या न करें

गुना। वर्षा ऋतु में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी कर बचाव के उपाय बताए हैं *सर्पदंश से बचाव के लिए क्या करें*- *सुरक्षा*: मजबूत जूते, मोजे और लंबी पतलून पहनें। रात/बारिश में टॉर्च लेकर चलें- *घर की सफाई*: घर-आंगन में घास व झाड़ियां साफ रखें। दीवारों के छेद बंद करें, कचरा/लकड़ी का ढेर न लगाएं- *सोते समय*: जमीन पर न सोएं, चारपाई/मच्छरदानी का प्रयोग करें- *खेत में*: जूते पहनें, लाठी से आवाज करते हुए चलें। झाड़ियों में हाथ-पैर न डालें- *जूते-कपड़े* पहनने से पहले झाड़ लें *सांप काटने पर क्या करें*1. *शांत रहें*: घबराहट से जहर तेजी से फैलता है। पीड़ित को शांत रखें2. *घाव को स्थिर रखें*: काटे गए अंग को हिलाएं-डुलाएं नहीं। लकड़ी की स्केल से स्थिर कर हल्का बैंडेज बांधें, कसकर न बांधें3. *तुरंत अस्पताल ले जाएं*: पहले 30 मिनट से 3 घंटे जीवन रक्षक होते हैं। 108 संजीवनी एंबुलेंस को कॉल करें4. *सांप की पहचान*: रंग/आकार याद रखने की कोशिश करें ताकि डॉक्टर को बताने में मदद मिले5. *घाव को साफ करें*: साफ पानी और साबुन से धोएं। आभूषण, घड़ी, तंग कपड़े हटा दें *क्या न करें*- घाव को न काटें, न चूसें- बर्फ, शराब या घरेलू इलाज का प्रयोग न करें- झाड़-फूंक, ओझा-तांत्रिक पर भरोसा न करें। स्वास्थ्य विभाग ने भी अपील की है कि झाड़-फूंक में समय गंवाने से जान जा सकती है- अस्पतालों में एंटी-स्नेक वेनम का निःशुल्क इलाज उपलब्ध है *जरूरी बात*: लगभग 80-90% सांप गैर विषैले होते हैं, लेकिन खतरा होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र/सीएचसी/पीएचसी जाएं बारिश में सावधानी बरतें।