पूर्व सैनिक हेमेंद्र सिंह सोलंकी के मुख्य आतिथ्य में नन्हे मुन्ने छात्र-छात्राओं का प्रवेश उत्सव मनाया

।। रिपोर्टर नवीन रायली आज शा. प्रा. वि. क्र. 3 में नए शैक्षणिक सत्र का भव्य शुभारंभ ‘शाला प्रवेश उत्सव’ के रूप में हुआ। यह दिन विद्यालय में प्रवेश लेने वाले नए और पुराने छात्रों के लिए खुशियों और नए संकल्पों से भरा रहा। विद्यालय परिसर मे इस अवसर पर एक विशेष समारोह आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य छात्रों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना और उनके स्वागत को यादगार बनाना था। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के पूजन से हुई।इसके बाद, उपस्थित अतिथियों और शिक्षकों ने छात्रों को तिलक लगाकर और पुष्पवर्षा कर उनका शाला में औपचारिक प्रवेश करवाया। इस दौरान छात्रों के चेहरों पर मुस्कान और उत्साह साफ झलक रहा था। प्रत्येक छात्र को नए शैक्षणिक सत्र के लिए निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें और अन्य शिक्षण सामग्री भी वितरित की गई।समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रमुख समाजसेवी और पूर्व सैनिक ठाकुर हेमेंद्र सिंह सोलंकी ने छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने अपने प्रेरणादायक शब्दों से छात्रों को नियमित रूप से शाला आने और कड़ी मेहनत से पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने देश सेवा के अपने अनुभवों को साझा करते हुए शिक्षा के महत्व पर जोर दिया और कहा कि शिक्षा ही एक बेहतर भविष्य और राष्ट्र निर्माण की कुंजी है।समग्र शिक्षा अभियान के तहत, जनशिक्षक संतोष एसके और देव हतागले ने शाला को एक विशेष उपहार दिया – “जादू का पिटारा”। यह पिटारा वास्तव में एक शिक्षण-अधिगम सामग्री (टीएलएम) किट है, जिसमें विभिन्न प्रकार के खेल, पहेलियां और उपकरण शामिल हैं, जो सीखने की प्रक्रिया को और अधिक रोचक और प्रभावी बनाएंगे। शिक्षकों और छात्रों ने इस अभिनव पहल का स्वागत किया।कार्यक्रम के अंत में, समस्त शाला स्टॉफ -श्री विजय कुमार वर्मा श्रीमती सुनीता वर्मा, माधुरी मंडलोई, और श्री शाकिर पठान ने समस्त अतिथियों और अभिभावकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनके सहयोग और उपस्थिति ने इस उत्सव को और अधिक विशेष बना दिया है। उन्होंने छात्रों को उनके सुनहरे भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।यह शाला प्रवेश उत्सव न केवल नए सत्र की शुरुआत का प्रतीक था, बल्कि समुदाय और विद्यालय के बीच मजबूत बंधन और शिक्षा के प्रति उनकी साझा प्रतिबद्धता का भी प्रदर्शन था